आलस्य को कैसे दूर करें? जानें 9 अचूक उपाय – How to Overcome Laziness in Hindi

How to Overcome Laziness in Hindi – आलस्य को कैसे दूर करें?, आलस्य दूर करने के अचूक उपाय, शरीर में आलस्य और थकान के कारण, आलस्य से होने वाले नुकसान, आलस्य दूर करने का उपाय


आलस्य मानव शरीर की सबसे बड़ी बीमारी है या यूँ कहें, आलस (Laziness) हम इंसानों का सबसे बड़ा शत्रु है जो हमें बिना किसी एहसास के कमजोर बना देती है, आलस्य हमारे विकास में एक दीवार की तरह होती है, जो किसी भी कार्य के शुरू होने से पहले ही हमें रोक लेती है, या उसे अधूरा छोड़ने पर मजबूर कर देती है।

“The Biggest Disease in the Human Body is Laziness”

-Swami Mukundanand

हम सब यह जानते हैं कि हमें क्या क्या चाहिए, हमारे लिए क्या सही है और क्या नहीं?, कौन सा काम करके हम आगे बढ़ सकते हैं? लेकिन बावजूद इसके हम वह कुछ भी नहीं करते, जो हमें करना चाहिए। हमेशा बाद में, अगले दिन, अगले सप्ताह या अगले महीने में करने के लिए टाल देते है। इन सब टालमटोल का प्रमुख कारण आलस्य है। हममें से ज्यादातर लोग आलसी होते हैं, कुछ कम तो कुछ लोग बहुत अधिक।

अगर आपके साथ भी यह समस्या है, आपको भी बार-बार आलस घेर लेता है तो घबराएं नही, आप अकेले नही हैं। इसमें सुधार किया जा सकता है। आलस कई कारणों से हो सकता है, बस आपको यह देखने की आवश्यकता है कि आप किस कारण से आलसपन के शिकार होते हैं। एक बार आपने उन कारणों को ढूढ़ लिया तो आप आसानी से अपने आलस्य (Laziness) को Overcome कर सकते हैं।

Table of Contents

आलस्य को कैसे दूर करें? – How to Overcome Laziness in Hindi

आज का यह लेख इसी विषय पर है कि आप अपने आलस को कैसे दूर कर सकते हैं? (Laziness ko kaise dur kare), आलस्य के कारण क्या हैं? और उसे दूर करने के बेस्ट उपाय। तो आइए जानते हैं। – आलस आने के प्रमुख कारण और आलस्य दूर करने के अचूक उपाय – Aalas dur karne ke upay

आलस्य बढ़ाने के प्रमुख कारण – Causes of Laziness in Hindi

कभी-कभी कार्यो से छुट्टी लेना या इसके प्रति आलस का होना सामान्य है। खुद को रिलैक्स करने के लिए यह अच्छा भी है। परंतु यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाए, या आप हमेशा आलस का अनुभव करते हैं। महत्वपूर्ण कार्यो को भी पूरा करने के लिए बहुत अधिक संघर्ष करना पड़ता है तो इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आलस फिजिकली या मेंटली दोनों ही कारणों से हो सकता है।

आलस्य का फिजिकल कारण – Physical Causes of Laziness

खराब स्वास्थ्य या शारीरिक ऊर्जा में कमीं के कारण भी आलस आता है। फिजिकली अस्वस्थ होने पर किसी भी कार्य को शुरू करना और उस पर देर तक बने रहना काफी मुश्किल हो जाता है। यदि आप अपने शरीर की उचित देखभाल और पर्याप्त आराम नहीं करते तो यह आपके मनचाहे प्रदर्शन को पूरा नहीं कर सकता है।

यह स्थिति शरीर व दिमाग दोनों पर समान रूप से लागू होता है। इसलिए जरूरी है कि शरीर को पर्याप्त आराम व सही पोषण प्रदान करें। आलसपन महसूस कराने के प्रमुख कारण कुछ इस प्रकार हैं।

  1. नींद की कमीं/पर्याप्त आराम न करना
  2. खाने में पोषक तत्वों की कमीं
  3. भारी या तैलीय भोजन की अधिकता
  4. अधिक तनाव या चिंता
  5. अस्त-व्यस्त दिनचर्या

आलस्य के मनोवैज्ञानिक कारण – The Psychology of Laziness in Hindi

आलस होने का एक और प्रमुख कारण है टालमटोल  (Procrastination) करना। पर्याप्त समय होने के बावजूद भी हम चीजों को टाल देते हैं, यह कह कर की अभी समय है। चीजों को अवॉइड करना या टालना हमें बहुत ही आसानी से नकारात्मकता की ओर ले जाता है और जल्दी ही एक आदत का रूप ले लेता है। एक “आलसी आदत” जो हमें “आलसी” बनाता है।

हमने जो किया वह सही है या नहीं, हमें शुरुआत कहाँ से करनी चाहिए, हम यह भी नहीं जानते। जिसके कारण हम अपने आप पर और अपनी योजनाओं पर संदेह करने लगते हैं। नीचे की लाइनों में आलस के कुछ मनोवैज्ञानिक कारण (Psychology of laziness) बताएं हैं जिनसे आप जान सकते हैं कि आप किस कारण आलस करते हैं।

  1. सपनों की दुनिया में जीना (We are Happy With Dreaming)
  2. काम से नफरत होना (We Hate Work)
  3. फेल होने का डर (Fear of Failure)
  4. सामाजिक भय (Social Fear)
  5. आत्म-संदेह (Self-Doubt)
  6. परिपूर्णतावाद (Perfectionism)
  7. अनिश्चित लक्ष्य या दिशा का ज्ञान न होना (Undefined Goal or Lack of Direction)

आलस करने से क्या क्या हानियां होती हैं?/आलस्य से होने वाले नुकसान

  1. सफलता में कमीं
  2. लक्ष्य प्राप्त करने में देरी या मुस्किल होना
  3. स्वास्थ्य गड़बड़ होना/अनियमितस्वास्थ्य
  4. मानसिक अशांति
  5. निम्न प्रोडक्टिविटी
  6. कमजोर याददास्त
  7. महत्वपूर्ण कार्यो में पीछे होना
  8. समय का सही उपयोग न कर पाना

आलस्य दूर करने के 9 अचूक उपाय – 9 Tips How to Overcome Laziness in Hindi

1. पर्याप्त नींद और आराम जरूरी है।

शारीरिक ऊर्जा में कमीं या थकान होने पर हम किसी भी परिस्थिति में हो, आलस आ ही जाती है। ऐसी स्थिति में किसी भी टास्क के लिए एक्शन लेना काफी मुश्किल होता है। अगर आप एक्शन लेते भी हैं तो ज्यादा समय तक काम पर डटे नहीं रह सकते। पर्याप्त नींद और आराम से आप दोबारा से फ्रेश और ऊर्जावान होते हैं और किसी भी कार्य के लिए तैयार होते हैं। इसलिए थकान होने पर शरीर को आराम दें, साथ ही हर दिन कम से कम 7 घंटे की नींद अवश्य लें।

2. हमेशा समय पर और भूख से थोड़ा कम खाएं।

हमारे द्वारा ग्रहण किये गए भोजन से ही शरीर को एनर्जी व पोषण मिलता है, यह सभी जानते हैं। लेकिन आपको यह भी जानना चाहिए कि ऊर्जा व पोषण की कमीं भी आलस पैदा करता है। देर से उठने पर लोग जल्दी-जल्दी में सुबह के नाश्ते को छोड़ देते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें एक बार में ज्यादा भोजन करने की आदत है। इन दोनों ही परिस्थिति में आलस आना स्वाभाविक है।

खाना खाने के बाद शरीर की अधिकतम ऊर्जा भोजन पचाने में लग जाती है। इसके अलावा हमें नींद का भी अनुभव होता है। जबकि भोजन में कमीं यानी ऊर्जा में कमीं, जो कि आलस पैदा करने का एक कारण है। इसलिए सुबह का पौष्टिक नाश्ता कभी न छोड़े, यह आपको पूरे दिन एनर्जी प्रदान करता है। साथ ही लंच व डिनर भी हमेशा समय पर करें।

3. सुबह व्यायाम करना है फायदेमंद

अच्छी डाइट के अलावा फिजिकली एक्टिव रहना भी आलस को कम करने का अच्छा उपाय है। रिसर्च भी यह दावा करते हैं कि सुबह की एक्सरसाइज हमारी मेंटल पॉवर व अवेयरनेस को बढ़ाती है। प्रतिदिन 15 से 20 मिनट की एक्सरसाइज से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और रक्तसंचार भी तेज होता है।

जिससे आप पूरे दिन ज्यादा फ्रेस और ज्यादा एक्टिव रहते हैं। जरूरी नहीं कि आप जिम ही जाएं, कुछ सिम्पल मॉर्निंग एक्सरसाइज जैसे पुश-अप, जंपिंग जैक, रनिंग या कम से कम 20 मिनट तक बाहर खुली हवा में मॉर्निंग वॉक करना भी बहुत अधिक फायदेमंद है।

4. आलस्य को कम करने के लिए दिनचर्या में बदलाव लाएं।

कई मामलों में यह देखा गया है कि आलस का जुड़ाव हमारी आदतों से भी होता है। सीधे तौर पर या Indirectly किसी भी तरह से, पर यह सच है। यदि आप दिन के किसी एक समय पर या विशेष परिस्थितियों में ही आलस का अनुभव करते हैं तो आपको अपनी आदतों और दिन के पैटर्न में बदलाव करना चाहिए।

जैसे-आप अपने काम के घंटे में फेर-बदल या वातावरण में परिवर्तन करें। यदि आप घर पर काम करते हैं तो काम की जगह को बदलें और चीजों को अलग तरह से व्यवस्थित करके दोबारा से काम शुरू करें। इस तरह के बदलाव से आप पर सकारात्मक प्रभाव होगा और Laziness भी कम होगा।

और पढ़ें: स्वस्थ जीवन शैली दिनचर्या के लिए 7 अच्छी आदतें।

5. आलस भरे कार्यो को बनाएं मज़ेदार

आलस का एक बड़ा कारण है कि वह चीज हमें पसंद नहीं होती जो हम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए- जब हम बच्चे होते हैं तो सुबह जल्दी उठना, नहाना, स्कूल के लिए तैयार होना या होमवर्क करना हमारे लिए बहुत आलसपूर्ण होता है। जबकि उन चीजों में आलस नहीं आती, जो हमें पसंद है और जिसमें हम आनंद का अनुभव करते हैं। जैसे खेलना, टीवी देखना, सोशल मीडिया आदि। इसी तरह आप अपने कार्यो को मज़ेदार बना सकते हैं।

जैसे आप पढ़ाई करते हैं तो कुछ इस तरह के Goal सेट करें कि आप आप एक चैप्टर पूरा पढ़ लेंगे तो अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट से अपना फ़ेवरिट फ़ूड खाएंगे, या दो घंटे की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद सोशल मीडिया यूज़ करेंगे। इसी तरह आप अपने अनुसार Goal सेट कर लें। इससे रिवॉर्ड के लालच में आपका दिमाग काम पर फोकस्ड रहेगा और आलस भी दूर हो जाएगा।

6. खुद को सकारात्मक लोगों के बीच रखें।

कहा जाता है कि हम उन लोगों के प्रतिरूप होते हैं जिनके साथ हम अपना अधिकतम वक्त गुजारते हैं। यदि आप आलसी और निराशावादी दृष्टिकोण रखने वाले लोगों के बीच हैं तो उनकी नकारात्मक भावना का असर आप पर अवश्य होगा। इसके विपरीत यदि आप आशावादी, ऊर्जावान और प्रेरक व्यक्तियों के बीच हैं तो आप संभवतः अधिक प्रेरित और आशावान महसूस करेंगे। इसलिए हमेशा ऐसे लोगों की तलाश करें जो पॉजिटिव एनर्जी वाले हों। ऐसे लोगों के समूह से जुड़ें, उनके बीच रहें। इससे आपको Laziness को Overcome करने में बहुत अधिक लाभ होगा।

7. क्या आपका काम जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा।

किसी व्यक्ति की उपलब्धि को देखकर या कहीं से प्रेरणा लेकर हम कोई काम शुरु कर देते हैं। लेकिन कुछ समय बाद हमारा मन उससे हटने लगता है। हम उस काम को बीच में ही छोड़ देते हैं। इस समस्या से निपटने का आसान तरीका यह है कि जब भी आप कोई लक्ष्य बनाएं या कोई नई आदत अपनाएं तो सिर्फ यह जानने या लिखने की बजाय की “आप क्या करना चाहते हैं।”

आप यह लिखें की आप वह काम “क्यों” करना चाहते हैं। यह आपके लिए क्यों जरूरी है?, क्या इससे जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है?, यदि आएगा तो वह क्या है? जब आप अपने लक्ष्य (Goal) की वैल्यू का आंकलन करते हैं तो आप जानेंगे कि यह करने योग्य है या नहीं। इस प्रकार का छोटा सा बदलाव आपकी प्रोडक्टिविटी में क्रांति ला देगा।

8. आलसी टाइम का लाभ उठाएं।

बहुत से लोग सोचते हैं कि प्रोडक्टिव होने का मतलब देर तक बिना ब्रेक के काम करना है। वे सोचते हैं कि एक बार बैठने के बाद पूरा काम को खत्म करके ही उठेंगे, जो कि पूरी तरह अवास्तविक (Unrealistic) है। ऐसा मुश्किल से ही कोई करता है। यहां तक कि बहुत अधिक प्रोडक्टिव लोगों के साथ भी उतार-चढ़ाव आते हैं।

इसलिए खुद के साथ इस तरह की Unrealistic उम्मीद न करें कि आप लगातार घंटो काम पर फोकस्ड रह सकते हैं। ब्रेक लेना गलत नहीं है, जब आप आलस का अनुभव कर रहे हैं तो इस समय ब्रेक लेना प्रोडक्टिव रहने का सबसे शानदार तरीका है। यदि आप इसे सही से मैनेज करेंगे तो आलस का पूरा लाभ ले पाएंगे।

  • आलसी टाइम में यह करें। Use This Technique to Overcome Laziness

आलसी टाइम का सही उपयोग करने के लिए आप अपने डाउनटाइम को Worktime के साथ एक्सचेंज कर दें। यानी जब आप Laziness का अनुभव करें तो इसे Work और रिवॉर्ड के साथ जोड़ें। यदि आप 10 मिनट Laziness के साथ बिताते हैं तो 10 मिनट काम करें। इसे 1:3 के अनुपात में कर सकते हैं। जैसे यदि आप 90 मिनट काम करें तो 30 मिनट रिवॉर्ड टाइम।

इस टाइम में आप एन्जॉय करें, पसंदीदा टीवी शो देखें, सोशल मीडिया यूज़ करें। इस तरह आपका Laziness मोटिवेशन की तरह काम करेगा। आप ज्यादा प्रोडक्टिव होंगे। क्योंकि आप जानते हैं कि काम के अंत में रिवॉर्ड आपका इंतजार कर रहा है। आप ज्यादा मेहनत से काम करेंगे, जब आप जानते हैं कि जल्दी ही ब्रेक का समय है

9. जाने, आलस कहाँ से आ रहा है?

आलस या मोटिवेशन के गिरने की जड़ को जानना आवश्यक है। यह थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन जानना बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसलिए सर्वप्रथम आपको यह जानना होगा कि आपका मोटिवेशन कहां से आता है। आपके Motivation का तरीका क्या है। जब आप जानेंगे कि क्यों आप आलस्य और Dimotivation का अनुभव करते हैं तो इसे रोकने और इसके प्रभाव को कम करने का तरीका खोज सकते हैं।

उदाहरण के लिए- आपका टास्क चैलेंजिंग नहीं है या दिन के किसी निश्चित समय पर आलस का अनुभव होता है। तनाव के कारण भी लोग आलस को महसूस करते हैं। थकान, हारने या फेल होने का डर, आत्मविश्वास में कमीं आदि कई कारण है जिससे लोग आलसी हो जाते हैं। अपने उन कारणों को खोजें, जिससे आपको Laziness से निपटने में आसानी होगी।

निष्कर्ष:

तो यह है आलस्य दूर करने का उपाय (Aalas dur karne ke upay). दोस्तों ऐसे बहुत से कारण है जिसकी वजह से लोग आलस्य का अनुभव करते हैं। इस लेख में हमनें Lesiness के प्रमुख कारणों की चर्चा की है, साथ ही आलस्य दूर करने का उपाय बताए हैं। अपने भीतर के आलस्य जो जड़ से ख़त्म करने के लिए सर्वप्रथम जाने की आप क्यों आलस या प्रेरणा की कमीं को महसूस करते हैं।

फिर बताए गए सुझावों (आलस्य को कैसे दूर करें – Laziness ko kaise dur kare) में से किसी एक को चुने जो आपके लिए सही है। कुछ सप्ताह तक उस पर काम करें। हमेशा छोटे से शुरुआत करें और धीरे-धीरे जीवन में बदलाव लाएं और इन आदतों को दिनचर्या का हिस्सा बना लें। हमें पूर्ण विश्वास है कि इससे आप पर सकारात्मक प्रभाव अवश्य होगा। आशा है आप इसका लाभ अवश्य लेंगे।

आपको इस लेख ‘आलस्य दूर करने के अचूक उपाय  – How to Overcome Laziness in Hindi’ से मदद मिलती है तो हमें कमेंट में जरूर बताएं। साथ ही अन्य लोगों के साथ भी शेयर करें जिससे दूसरे लोगों की भी मदद हो सके।

धन्यवाद।

Leave a Comment